कुशीनगर:हाटा सीएचसी में भ्रष्टाचार का खुलासा,नर्स पर प्रसव के नाम पर पैसे मांगने का आरोप,जांच शुरू

लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। जिले के हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जननी सुरक्षा योजना की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए बनाई गई इस सरकारी योजना के तहत मुफ्त प्रसव सेवाएं देने का प्रावधान है, लेकिन यहां नर्स द्वारा प्रसव कराने के बदले पैसों की मांग की गई। हाटा के शारदा नगर निवासी बृजेश यादव ने शिकायत की कि 13 जनवरी को उनकी पत्नी ममता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स संध्या सिंह ने प्रसव कराने के बदले 10,000 रुपये की मांग की। बृजेश ने बताया कि उनके पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी, इसलिए उन्होंने तत्काल 2,500 रुपये नकद और 1,000 रुपये मोबाइल पेमेंट के जरिए दिए। हालांकि, प्रसव के बाद भी नर्स ने 6,500 रुपये की मांग जारी रखी। जब पीड़ित परिवार ने पैसे देने से मना किया, तो नर्स ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
हालांकि जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य
जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को मुफ्त और सुरक्षित प्रसव सेवाएं प्रदान करना है। सरकारी अस्पतालों में इस योजना के तहत मरीजों से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
पीड़ितों ने लगाया कई और गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने बताया कि नर्स संध्या सिंह की भाभी और मां भी इसी अस्पताल में कार्यरत हैं। तीनों पर यह आरोप है कि वे मिलकर मरीजों से जबरन पैसे वसूलती हैं। अगर कोई मरीज पैसे देने से मना करता है, तो वे उसके साथ झगड़ा करती हैं। जिससे आम जनता पूरी तरह त्रस्त है लेकिन इनकी ऊंची पकड़ होने के कारण इनपर कोई कठोर कारवाई नहीं होती है।
क्या बोले जिम्मेदार
इस मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुरेश पटारिया को दी गई है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने कहा, “मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों को बुलाकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

