
आपदा पीड़ित अब न रहें परेशान, मुआवजे के लिए करें तुरंत आवेदन : डीएम

जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग वंचित
लोकायुक्त न्यूज
कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा से जनहानि अथवा पशुधन हानि होने पर पात्र लोग समय पर आवेदन कर शासन की मुआवजा योजना का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी न होने से पात्र लाभार्थी योजना से वंचित रह जाते हैं। डीएम ने बताया कि कृषक दुर्घटना, सर्पदंश, आकाशीय बिजली गिरना, भारी वर्षा, आंधी-तूफान, लू-प्रकोप, नाव हादसा, सीवर सफाई व गैस रिसाव, बोरवेल में गिरना, मानव-वन्यजीव संघर्ष, कुएं, नदी, झील, तालाब, नहर, गड्ढा या जल प्रपात में डूबने से मृत्यु जैसी घटनाएं आपदा में शामिल हैं।
आवेदन प्रक्रिया
आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवार तुरंत स्थानीय लेखपाल या तहसील प्रशासन को सूचित करें। मुआवजा पाने के लिए सूचना/प्रार्थना पत्र, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटना का फोटोग्राफ और पशुधन हानि की स्थिति में पशु स्वामित्व का पंजीकरण आवश्यक है।
2025-26 के लिए मुआवजा दरें
- मानव मृत्यु – ₹4 लाख प्रति व्यक्ति
- दुधारू पशु (गाय/भैंस/ऊंट/याक) – ₹37,500 प्रति पशु (अधिकतम 3 पशु)
- छोटे पशु (भेड़/बकरी/सुअर) – ₹4,000 प्रति पशु (अधिकतम 30 पशु)
- भार वाहक पशु (घोड़ा/बैल/सांड) – ₹32,000 प्रति पशु (अधिकतम 3 पशु)
- अन्य पशु (वछड़ा/गधा/खच्चर/वछिया) – ₹2,000 प्रति पशु (अधिकतम 6 पशु)
- मुर्गियां – ₹100 प्रति पक्षी (अधिकतम ₹1,000 प्रति परिवार)
डीएम ने कहा कि पशुधन के नुकसान पर मुआवजे का दावा तभी मान्य होगा जब पशु की संख्या और प्रकार नामित अधिकारियों के पास पंजीकृत हो। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से अपील की कि पात्रता के आधार पर जनहानि या पशुधन हानि की स्थिति में तुरंत आवेदन कर योजना का लाभ लें।

