
बाइक से पहुँची CBI ने मारा छापा-17 लोको पायलटों समेत 26 रेलकर्मी पकड़े, हुआ बड़ा खुलासा
प्रमोशन के नाम पर करोड़ों की उगाही की थी शिकायत
लोकायुक्त न्यूज़
CBI ने डीडीयू रेल मंडल (मुगलसराय) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया। प्रमोशन में गड़बड़ी के आरोप में सीनियर डीईई सुशांत परासर, सीनियर डीपीओ सुरजीत सिंह और 17 लोको पायलट समेत कुल 26 रेलकर्मियों को हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान 1.17 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई।
सूत्रों के अनुसार, लोको पायलट के प्रमोशन के लिए आयोजित परीक्षा के प्रश्न उपलब्ध कराने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 6-9 लाख रुपये तक वसूले गए थे। परीक्षा रेलवे इंटर कॉलेज में होनी थी, और 19 लोको पायलटों को अलग-अलग स्थानों पर ठहराया गया था।
एक लोको पायलट ने CBI को शिकायत दी थी कि प्रमोशन के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। जांच के बाद, सीबीआई ने सोमवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। संदिग्ध रेलकर्मियों के घरों और ठहरने की जगहों पर नजर रखी गई।
CBI ने छापेमारी के दौरान सीनियर डीईई सुशांत परासर के आवास से साढ़े तीन लाख रुपये, सीनियर डीपीओ सुरजीत सिंह के घर से 17 लाख रुपये और संजय मिश्रा के घर से 40 लाख रुपये बरामद किए।
सीबीआई ने 17 अभ्यर्थियों के पास से परीक्षा के हस्तलिखित प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी बरामद की। सीनियर डीईई पर आरोप है कि उसने खुद प्रश्न तैयार कर एक लोको पायलट को दिया, जिसने इसे हिंदी में अनुवाद कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।
CBI ने सभी आरोपियों के कपड़ों पर नंबर लिखकर पूछताछ की। सभागार में घंटों चली पूछताछ के बाद आरोपियों को वाहन से लखनऊ ले जाया गया।
CBI की टीम ने विगत रात बाइक से पहुंचकर काली महाल स्थित लॉन पर छापा मारा। वहां से नौ लोको पायलटों को गिरफ्तार किया गया। अन्य जगहों पर भी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया गया।
इस कार्रवाई से मंडल रेल कार्यालय से लेकर रेलवे बोर्ड तक हड़कंप मच गया। सीबीआई की जांच और जब्ती से रेलवे में भ्रष्टाचार की जड़ें उजागर हुईं।
CBI की टीम द्वारा जब्त दस्तावेजों और नकदी की जांच जारी है। मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

