
गोरखपुर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में फर्जी दाखिले का बड़ा घोटाला : 40 छात्रों का एडमिशन रद्द, दो आरोपी गिरफ्तार
लोकायुक्त न्यूज़
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT), गोरखपुर में फर्जी दाखिले का बड़ा मामला सामने आया है। 2020-21 और 2021-22 सत्रों में 40 छात्रों को अवैध तरीके से दाखिला दिलाया गया। इस मामले में विश्वविद्यालय के दो कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई है, जिनमें से एक आरोपी क्लर्क रवि मोहन श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है।
अभिभावक की शिकायत से हुआ खुलासा : घोटाले का पर्दाफाश उस समय हुआ जब एक बीटेक छात्र के पिता श्रीप्रकाश गुप्ता ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय का एक सीनियर क्लर्क मोटी रकम लेकर फर्जी दाखिले करा रहा है।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि 22 छात्रों ने 2020-21 सत्र में और 18 छात्रों ने 2021-22 सत्र में फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर दाखिला लिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों का एडमिशन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई : MMMUT की जांच रिपोर्ट में तीन शिक्षकों और पांच कर्मचारियों को लापरवाह पाया गया है। एक संविदा कर्मचारी के खिलाफ भी सबूत मिले हैं। कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कोर्ट से भी नहीं मिली राहत : फर्जी दाखिला लेने वाले छात्रों ने हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन न्यायालय ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध प्रवेश को मान्यता नहीं दी जाएगी।
पुलिस कर रही नेटवर्क की गहन जांच : एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। “हम यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल है,” उन्होंने कहा। आरोपी क्लर्क की गिरफ्तारी के बाद जांच और भी तेज कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

