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बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, प्रश्न-पत्र की गोपनीयता भंग बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, प्रश्न-पत्र की गोपनीयता भंग फटे बोरों में मिले परीक्षा प्रश्न-पत्र, खुलासा छुपाने की कोशिश में भड़के बीएसए लोकायुक्त न्यूज़ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई, जब प्राथमिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र फटे हुए बोरों में मिले। खबर सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसे छुपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मामला मीडिया की नजर में आ गया। https://youtu.be/S_nJfXw-udI?si=gWq5kg6QZGQUnyyL बीएसए राकेश प्रताप सिंह ने पत्रकार को कवरेज से रोकने की कोशिश की और एफआईआर कराने की धमकी दी। उनकी और पत्रकार के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जनता इसे अधिकारियों की जिम्मेदारी से भागने और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला मान रही है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी? क्या प्रेस की आजादी को दबाने की कोशिश हो रही है? चौथे स्तंभ के अधिकारों पर हो रहे इस हमले से कई लोगों ने रोष व्यक्त किया है। इस घटना के बाद कई संगठनों ने सरकार से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की भी अपील की गई है। प्रश्नपत्र लीक और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल फटे बोरों में प्रश्नपत्र मिलने की घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा की गोपनीयता पर उठे इस संकट ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। मीडिया के विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकारियों की इस तरह की धमकियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। प्रेस की आजादी और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।   Click to listen highlighted text! बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, प्रश्न-पत्र की गोपनीयता भंग बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, प्रश्न-पत्र की गोपनीयता भंग फटे बोरों में मिले परीक्षा प्रश्न-पत्र, खुलासा छुपाने की कोशिश में भड़के बीएसए लोकायुक्त न्यूज़ उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई, जब प्राथमिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र फटे हुए बोरों में मिले। खबर सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसे छुपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मामला मीडिया की नजर में आ गया। https://youtu.be/S_nJfXw-udI?si=gWq5kg6QZGQUnyyL बीएसए राकेश प्रताप सिंह ने पत्रकार को कवरेज से रोकने की कोशिश की और एफआईआर कराने की धमकी दी। उनकी और पत्रकार के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जनता इसे अधिकारियों की जिम्मेदारी से भागने और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला मान रही है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी? क्या प्रेस की आजादी को दबाने की कोशिश हो रही है? चौथे स्तंभ के अधिकारों पर हो रहे इस हमले से कई लोगों ने रोष व्यक्त किया है। इस घटना के बाद कई संगठनों ने सरकार से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की भी अपील की गई है। प्रश्नपत्र लीक और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल फटे बोरों में प्रश्नपत्र मिलने की घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा की गोपनीयता पर उठे इस संकट ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। मीडिया के विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकारियों की इस तरह की धमकियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। प्रेस की आजादी और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, प्रश्न-पत्र की गोपनीयता भंग

बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, प्रश्न-पत्र की गोपनीयता भंग

फटे बोरों में मिले परीक्षा प्रश्न-पत्र, खुलासा छुपाने की कोशिश में भड़के बीएसए

लोकायुक्त न्यूज़
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई, जब प्राथमिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र फटे हुए बोरों में मिले। खबर सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसे छुपाने की पूरी कोशिश की, लेकिन मामला मीडिया की नजर में आ गया।

बीएसए राकेश प्रताप सिंह ने पत्रकार को कवरेज से रोकने की कोशिश की और एफआईआर कराने की धमकी दी। उनकी और पत्रकार के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जनता इसे अधिकारियों की जिम्मेदारी से भागने और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला मान रही है।

इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पत्रकारों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी? क्या प्रेस की आजादी को दबाने की कोशिश हो रही है? चौथे स्तंभ के अधिकारों पर हो रहे इस हमले से कई लोगों ने रोष व्यक्त किया है।

इस घटना के बाद कई संगठनों ने सरकार से मामले की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की भी अपील की गई है।

प्रश्नपत्र लीक और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल
फटे बोरों में प्रश्नपत्र मिलने की घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा की गोपनीयता पर उठे इस संकट ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।

मीडिया के विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकारियों की इस तरह की धमकियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। प्रेस की आजादी और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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