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अपर मुख्य सचिव के आदेश भी बेअसर, कसया BEO की मनमानी जारी, जिम्मेदार मौन 

अपर मुख्य सचिव के आदेश भी बेअसर, कसया BEO की मनमानी जारी, जिम्मेदार मौन 

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संबद्धता समाप्ति के बाद भी अनुचर को साथ लेकर घूमते है खंड शिक्षा अधिकारी

ब्यूरो,कुशीनगर। शासन द्वारा संबद्धता समाप्त कर कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर भेजने के आदेश को कसया के खंड शिक्षा अधिकारी खुलेआम ठेंगा दिखा रहे।मजे की बात यह है कि शासन के आदेश का अनुपालन कराने के लिए जनपद व मण्डल के उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार तीन वर्षों से खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया को निर्देशित किया जाता रहा है लेकिन साहब इतने मनबढ है कि इनके उपर किसी के आदेश का कोई फर्क नही पड रहा है।बतादे कि तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, सप्तम मण्डल गोरखपुर द्वारा दिनांक 10 जून 2021 व 22 सितम्बर - 2021 मे जारी पत्र में कहा गया अनुचर विजय कुमार गुप्त, खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया कार्यालय में संबद्ध किया गया है जबकि शासन के आदेश के अनुरूप किसी भी कर्मचारी का संबद्धीकरण उसके मूल तैनाती से भिन्न कार्यालय मे नही किया जा सकता है। सहायक शिक्षा निदेशक ने तत्काल संबद्धता समाप्त कर उक्त कर्मचारी को उसके मूल तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी के मनबढई का आलम यह रहा कि अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त नही किया गया। इसके अलावा तत्कालीन बीएसए विमलेश कुमार ने पत्र संख्या 4839-45 दिनांक 6/7/2021 को व तत्कालीन सीडीओ अनुज मलिक की ओर से पत्र संख्या 56 दिनांक 7 जून 2021 ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ओमप्रकाश पाण्डेय द्वारा शासनादेश का हवाला देकर अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त करने की गयी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कसया को अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त करने का निर्देश दिया गया है बावजूद इसके खंड शिक्षा अधिकारी कसया अपने उच्चाधिकारियों के आदेश को कूड़ेदान मे डाल रखा है।

  blank अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा का आदेश बेअसर बेसिक शिक्षा एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के पत्र संख्या 34/ए 0सी0एस0 (बेसिक भाष्यमिक शिक्षा)/2025 दिनांक-21 अक्टूबर, 2025 सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ०प्र० शासन, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र० व निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० को संबोधित करते हुए कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि शासन की अनुमति के बिना अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से अध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबद्धीकरण, विभिन्न ऐसे कार्यालयों में किये गये हैं, जहाँ उनकी मूल तैनाती नहीं है, जो उचित नहीं है। इस क्रम में निर्देश दिये जा रहे हैं कि शासन की अनुमति के बिना यदि कोई अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने मूल तैनाती के स्थान के अलावा कहीं अन्य स्थान पर संबद्ध किया गया है तो उनके संबंद्धीकरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए उनको अपने मूल तैनाती के स्थान पर वापस भेजा जाये। अपर सचिव ने अपने आदेश मे यह चेतावनी भी दिये है कि भविष्य में शासन की अनुमति के बिना किसी भी अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी को ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाये, जहाँ उनकी मूल तैनाती न हो। उन्होंने उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया है। कहना ना होगा कि योगी सरकार में शासन के निर्देश को खंड शिक्षा अधिकारी कसया द्वारा उडाये जा रहा मजाक चर्चा का विषय बना हुआ है।   blank इस संबध मे जब खंड शिक्षा अधिकारी अशोक यादव से इस संबध मे बातचीत की गयी तो उन्होने कहा कि शासन के निर्देश पर तीन अनुचर को संबद्ध किया गया था। यह पूछे जाने पर कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन पार्थ सारथी सेन ने प्रदेश की सभी संबद्धता समाप्त कर दी है फिर इन लोगो की संबद्धता क्यो नही समाप्त कर रहे है इस पर बीईओ श्री यादव ने बडी ही निर्लज्जता से कहा कि कुछ लोगो की संबद्धता समाप्त की गयी है। blank
  Click to listen highlighted text! अपर मुख्य सचिव के आदेश भी बेअसर, कसया BEO की मनमानी जारी, जिम्मेदार मौन  अपर मुख्य सचिव के आदेश भी बेअसर, कसया BEO की मनमानी जारी, जिम्मेदार मौन  संबद्धता समाप्ति के बाद भी अनुचर को साथ लेकर घूमते है खंड शिक्षा अधिकारी ब्यूरो,कुशीनगर। शासन द्वारा संबद्धता समाप्त कर कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर भेजने के आदेश को कसया के खंड शिक्षा अधिकारी खुलेआम ठेंगा दिखा रहे।मजे की बात यह है कि शासन के आदेश का अनुपालन कराने के लिए जनपद व मण्डल के उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार तीन वर्षों से खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया को निर्देशित किया जाता रहा है लेकिन साहब इतने मनबढ है कि इनके उपर किसी के आदेश का कोई फर्क नही पड रहा है।बतादे कि तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, सप्तम मण्डल गोरखपुर द्वारा दिनांक 10 जून 2021 व 22 सितम्बर - 2021 मे जारी पत्र में कहा गया अनुचर विजय कुमार गुप्त, खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया कार्यालय में संबद्ध किया गया है जबकि शासन के आदेश के अनुरूप किसी भी कर्मचारी का संबद्धीकरण उसके मूल तैनाती से भिन्न कार्यालय मे नही किया जा सकता है। सहायक शिक्षा निदेशक ने तत्काल संबद्धता समाप्त कर उक्त कर्मचारी को उसके मूल तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी के मनबढई का आलम यह रहा कि अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त नही किया गया। इसके अलावा तत्कालीन बीएसए विमलेश कुमार ने पत्र संख्या 4839-45 दिनांक 6/7/2021 को व तत्कालीन सीडीओ अनुज मलिक की ओर से पत्र संख्या 56 दिनांक 7 जून 2021 ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ओमप्रकाश पाण्डेय द्वारा शासनादेश का हवाला देकर अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त करने की गयी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कसया को अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त करने का निर्देश दिया गया है बावजूद इसके खंड शिक्षा अधिकारी कसया अपने उच्चाधिकारियों के आदेश को कूड़ेदान मे डाल रखा है।   अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा का आदेश बेअसर बेसिक शिक्षा एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के पत्र संख्या 34/ए 0सी0एस0 (बेसिक भाष्यमिक शिक्षा)/2025 दिनांक-21 अक्टूबर, 2025 सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ०प्र० शासन, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र० व निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० को संबोधित करते हुए कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि शासन की अनुमति के बिना अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से अध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबद्धीकरण, विभिन्न ऐसे कार्यालयों में किये गये हैं, जहाँ उनकी मूल तैनाती नहीं है, जो उचित नहीं है। इस क्रम में निर्देश दिये जा रहे हैं कि शासन की अनुमति के बिना यदि कोई अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने मूल तैनाती के स्थान के अलावा कहीं अन्य स्थान पर संबद्ध किया गया है तो उनके संबंद्धीकरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए उनको अपने मूल तैनाती के स्थान पर वापस भेजा जाये। अपर सचिव ने अपने आदेश मे यह चेतावनी भी दिये है कि भविष्य में शासन की अनुमति के बिना किसी भी अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी को ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाये, जहाँ उनकी मूल तैनाती न हो। उन्होंने उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया है। कहना ना होगा कि योगी सरकार में शासन के निर्देश को खंड शिक्षा अधिकारी कसया द्वारा उडाये जा रहा मजाक चर्चा का विषय बना हुआ है।   इस संबध मे जब खंड शिक्षा अधिकारी अशोक यादव से इस संबध मे बातचीत की गयी तो उन्होने कहा कि शासन के निर्देश पर तीन अनुचर को संबद्ध किया गया था। यह पूछे जाने पर कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन पार्थ सारथी सेन ने प्रदेश की सभी संबद्धता समाप्त कर दी है फिर इन लोगो की संबद्धता क्यो नही समाप्त कर रहे है इस पर बीईओ श्री यादव ने बडी ही निर्लज्जता से कहा कि कुछ लोगो की संबद्धता समाप्त की गयी है।

अपर मुख्य सचिव के आदेश भी बेअसर, कसया BEO की मनमानी जारी, जिम्मेदार मौन 

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संबद्धता समाप्ति के बाद भी अनुचर को साथ लेकर घूमते है खंड शिक्षा अधिकारी

ब्यूरो,कुशीनगर। शासन द्वारा
संबद्धता समाप्त कर कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर भेजने के आदेश को कसया के खंड शिक्षा अधिकारी खुलेआम ठेंगा दिखा रहे।मजे की बात यह है कि शासन के आदेश का अनुपालन कराने के लिए जनपद व मण्डल के उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार तीन वर्षों से खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया को निर्देशित किया जाता रहा है लेकिन साहब इतने मनबढ है कि इनके उपर किसी के आदेश का कोई फर्क नही पड रहा है।बतादे कि तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, सप्तम मण्डल गोरखपुर द्वारा दिनांक 10 जून 2021 व 22 सितम्बर – 2021 मे जारी पत्र में कहा गया अनुचर विजय कुमार गुप्त, खण्ड शिक्षा अधिकारी कसया कार्यालय में संबद्ध किया गया है जबकि शासन के आदेश के अनुरूप किसी भी कर्मचारी का संबद्धीकरण उसके मूल तैनाती से भिन्न कार्यालय मे नही किया जा सकता है। सहायक शिक्षा निदेशक ने तत्काल संबद्धता समाप्त कर उक्त कर्मचारी को उसके मूल तैनाती स्थल पर भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी खंड शिक्षा अधिकारी के मनबढई का आलम यह रहा कि अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त नही किया गया। इसके अलावा तत्कालीन बीएसए विमलेश कुमार ने पत्र संख्या 4839-45 दिनांक 6/7/2021 को व तत्कालीन सीडीओ अनुज मलिक की ओर से पत्र संख्या 56 दिनांक 7 जून 2021 ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ओमप्रकाश पाण्डेय द्वारा शासनादेश का हवाला देकर अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त करने की गयी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कसया को अनुचर विजय कुमार गुप्त की संबद्धता समाप्त करने का निर्देश दिया गया है बावजूद इसके खंड शिक्षा अधिकारी कसया अपने उच्चाधिकारियों के आदेश को कूड़ेदान मे डाल रखा है।

 

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अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा का आदेश बेअसर

बेसिक शिक्षा एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के पत्र संख्या 34/ए 0सी0एस0 (बेसिक भाष्यमिक शिक्षा)/2025
दिनांक-21 अक्टूबर, 2025 सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ०प्र० शासन, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र० व निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० को संबोधित करते हुए कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि शासन की अनुमति के बिना अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से अध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबद्धीकरण, विभिन्न ऐसे कार्यालयों में किये गये हैं, जहाँ उनकी मूल तैनाती नहीं है, जो उचित नहीं है। इस क्रम में निर्देश दिये जा रहे हैं कि शासन की अनुमति के बिना यदि कोई अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने मूल तैनाती के स्थान के अलावा कहीं अन्य स्थान पर संबद्ध किया गया है तो उनके संबंद्धीकरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए उनको अपने मूल तैनाती के स्थान पर वापस भेजा जाये। अपर सचिव ने अपने आदेश मे यह चेतावनी भी दिये है कि भविष्य में शासन की अनुमति के बिना किसी भी अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी को ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाये, जहाँ उनकी मूल तैनाती न हो। उन्होंने उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया है। कहना ना होगा कि योगी सरकार में शासन के निर्देश को खंड शिक्षा अधिकारी कसया द्वारा उडाये जा रहा मजाक चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

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इस संबध मे जब खंड शिक्षा अधिकारी अशोक यादव से इस संबध मे बातचीत की गयी तो उन्होने कहा कि शासन के निर्देश पर तीन अनुचर को संबद्ध किया गया था। यह पूछे जाने पर कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन पार्थ सारथी सेन ने प्रदेश की सभी संबद्धता समाप्त कर दी है फिर इन लोगो की संबद्धता क्यो नही समाप्त कर रहे है इस पर बीईओ श्री यादव ने बडी ही निर्लज्जता से कहा कि कुछ लोगो की संबद्धता समाप्त की गयी है।

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