
अजमेर दरगाह शरीफ़ से भारतीय सशस्त्र बलों की सलामती, कामयाबी और सरहदों की हिफ़ाज़त के लिए हुई ख़ास दुआ
लोकायुक्त न्यूज़
अजमेर शरीफ़। दरगाह ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती (रह.) अजमेर शरीफ़ में दोपहर के वक़्त हमारे बहादुर भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) की फ़तेह, सलामती और सरहदों की हिफ़ाज़त के लिए एक ख़ास दुआ-ए-ख़ैर का आयोजन किया गया। यह रूहानी महफ़िल मुक़द्दस अहाता-ए-नूर में हुई, जिसमें हज़ारों ज़ायरीन, मुरीद, ख़ुद्दाम और देशभक्तों ने शिरकत की।
हाजी सैय्यद ग़ुलाम किबरिया चिश्ती, सदर – अंजुमन सैय्यदज़ादगान कमेटी, ने दुआ की। उन्होंने अपने बयान में कहा:
“अजमेर शरीफ़ की पवित्र ज़मीन से आज हम अपने मुल्क के बहादुर सिपाहियों के लिए दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला उन्हें हर बला से महफ़ूज़ रखे। उनकी फ़तेह और सलामती हमेशा क़ायम रहे। हिंदुस्तान अमन पसंद मुल्क है और ये दुआ उसी अमन का पेग़ाम है।”
क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत इस मौके़ पर अहाते नूर दरगाह अजमेर शरीफ में हाफ़िज़ सैय्यद फुज़ैल चिश्ती ने की।
इस मौके पर उपस्थित अंजुमन के और चिश्ती ख़ुद्दम ए ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के कई ज़िम्मेदारों ने भी अपने जज़्बाती और देशभक्ति से भरे बयान दिए:
सैय्यद नोमान चिश्ती:
“हमारे फौजी भाई जो सरहदों पर दिन-रात मुस्तैदी से मुल्क की हिफ़ाज़त कर रहे हैं, वो हमारे असली हीरो हैं। अजमेर शरीफ़ से हम ये पैग़ाम देते हैं कि पूरा देश उनके साथ है — दुआओं में, मोहब्बत में और इज़्ज़त में।”
हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती:
“हमारे देश की सेना न सिर्फ़ सरहद की हिफ़ाज़त कर रही है, बल्कि इंसानियत और अमन का भी पैग़ाम है। अजमेर शरीफ़ से हम दुआ करते हैं कि हमारे बहादुर जवानों को हर मोर्चे पर कामयाबी मिले। अजमेर की यह दरगाह हमेशा अमन, भाईचारे और इंसाफ़ का पैग़ाम देती रही है।”
सैय्यद असलम हुसैन चिश्ती:
रुक्न, अंजुमन सैय्यदज़ादगान कमेटी
“हमारी दुआएं और दिल से निकली हर सदा आज हमारे फ़ौजी भाइयों के साथ है। अजमेर शरीफ़ से उठी ये दुआ एक मज़बूत भारत और एक पुर-अमन दुनिया के लिए है।”
सैय्यद अफ़शान चिश्ती:
“हम अजमेर शरीफ़ से एकता, अमन और देशभक्ति की रौशनी पूरी दुनिया में फैलाना चाहते हैं। आज की दुआ उसी रौशनी का हिस्सा थी — हमारी फ़ौज के लिए, जो रात-दिन इस देश की सलामती की खातिर जाग रही है।”
सैय्यद जावेद चिश्ती:
“दरगाह शरीफ़ की रूहानी ताक़त और लाखों लोगों की दुआएं हमारे जवानों की मज़बूती बनें — यही हमारी इल्तिजा है। देश के सच्चे रखवाले हमेशा सलामत रहें।”
ख़ास बात यह रही कि जैसे ही दुआ मुकम्मल हुई, उसी वक़्त देश में सीज़फ़ायर की खबर आई, और यह पूरी महफ़िल इस बात का ऐलान थी कि भारत का रूहानी और तहज़ीबी मरकज़ अजमेर शरीफ़ हमेशा दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ और इंसानियत व अमन के हक़ में खड़ा रहेगा।
जय हिंद – हिंदुस्तान ज़िंदाबाद!

