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blankभारत की इकोनॉमी की दहाड़, FY26 Q2 में 8.2% GDP ग्रोथ से दुनिया को पीछे छोड़ा: टैरिफ से लेकर ग्लोबल मंदी तक हिंदुस्तान ने सभी चुनौतियों को कैसे दिया मोदी रिफॉर्म्स से जवाबblankन गीता का श्लोक सुन पा रही, न भक्ति भजन… आरफा खानम आपका ये दर्द कैसे होगा कम: मुस्लिम-मुस्लिम करो पर राम मंदिर, भगवा और हिंदुओं से चिढ़ क्योंblankनेपाल ने नए नोट में दी कालापानी-लिपुलेख-लिम्पियाधुरा वाले नक्शे को दी जगह, फैसले पर दिखी भारत विरोध की छाप: MEA ने जताई कड़ी आपत्ति, जानें क्या है मामलाblankबाढ़ या भारी बारिश से नहीं सूखे के चलते ‘खत्म हुई’ सिंधु घाटी सभ्यता: दशकों तक बार-बार पड़े अकाल ने कैसे बदला भारत का इतिहास, पढ़ें नए शोध में क्या-क्या आया सामने?blankअमेरिका में तीसरी दुनिया के लोगों की नो-एंट्री, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया स्थाई बैन: जानें- इस थर्ड वर्ल्ड में शामिल हैं कौन से देश, जिन्हें US में माना जा रहा अनवॉन्टेडblankभारत की 75% आबादी भूकंप से हाई रिस्क में, कभी भी डोल सकती है धरती: BIS नक्शे में पूरा हिमालय VI जोन में, जानें- ये बात परेशान करने वाली क्यों है?blankताकि प्रेमानंद महाराज के मार्ग में न दिखे मांस- शराब, गौरक्षक ने की ठेके बंद कराने की माँग: पुलिस ने दक्ष चौधरी को पकड़ा, जानिए FIR की पूरी डिटेल; बागेश्वर बाबा हिंदू कार्यकर्ता के समर्थन में आएblankक्रूज पर्यटन को दिया विस्तार, दुर्गा पूजा को दिलाई UNESCO में पहचान: जानिए मोदी सरकार ने बंगाल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए क्या-क्या किया, अब सारा क्रेडिट ले रहीं CM ममता बनर्जीblankइथियोपिया में 12000 साल बाद फटा ज्वालामुखी, दिल्ली तक पहुँची ‘काँच वाली’ राख: फ्लाइट्स के लिए बनी संकट, जानें इसे क्यों माना जा रहा ‘साइलेंट किलर’ ?blank‘ब्राह्मण की बेटी से शादी या संबंध बनने तक आरक्षण’: IAS संतोष वर्मा का नफरती बयान Viral, जानें- फर्जीवाड़े में जेल जा चुका ये जातिवादी विक्षिप्त आखिर है कौन?
भारत की इकोनॉमी की दहाड़, FY26 Q2 में 8.2% GDP ग्रोथ से दुनिया को पीछे छोड़ा: टैरिफ से लेकर ग्लोबल मंदी तक हिंदुस्तान ने सभी चुनौतियों को कैसे दिया मोदी रिफॉर्म्स से जवाब वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक मंदी की चुनौतियों को करारा जवाब देते हुए 8.2% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवँ कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार (28 नवंबर 2025) को जारी प्रेस नोट में बताया कि यह ग्रोथ पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.6% से काफी बेहतर है। स्थिर मूल्यों (2011-12 आधार) पर जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले ₹44.94 लाख करोड़ थी। NSO द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, नॉमिनल जीडीपी में 8.7% की बढ़ोतरी हुई, जो 85.25 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “यह आँकड़े मोदी सरकार की सुधार-केंद्रित नीतियों की जीत हैं, जो निवेश और उपभोग को गति दे रही हैं। भारत अब वैश्विक विकास का इंजन बन चुका है।” इस तिमाही में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों ने मुख्य भूमिका निभाई। द्वितीयक क्षेत्र में 8.1% की वृद्धि दर्ज हुई, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग 9.1% और कंस्ट्रक्शन 7.2% आगे बढ़ा। तृतीयक क्षेत्र ने 9.2% की उछाल दिखाई, खासकर फाइनेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज में 10.2% की मजबूत ग्रोथ। फोटो साभार: PIB प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) में 7.9% की वृद्धि हुई, जो पिछले साल के 6.4% से बेहतर है। यह असमान मानसून के बावजूद घरेलू माँग की मजबूती को दर्शाता है। अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा, “PFCE की यह रफ्तार उपभोक्ता विश्वास का प्रमाण है, जो अर्थव्यवस्था को स्थिरता दे रही है।” हालाँकि, प्राथमिक क्षेत्र कुछ कमजोर रहा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में केवल 3.5% की वृद्धि हुई, जबकि बिजली, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं में 4.4% दर्ज किया गया। ये आँकड़े मौसमी चुनौतियों का नतीजा हैं। सेक्टर के हिसाब से आँकड़े, पोटो साभार: PIB अप्रैल-सितंबर (H1) की आधी अवधि में रियल जीडीपी 8.0% बढ़ी, जो पिछले वर्ष के 6.1% से ऊंची है। H1 में रियल जीडीपी 96.52 लाख करोड़ रुपये रही। रियल GVA में 7.9% की ग्रोथ हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इन्फ्लेशन ऐतिहासिक निचले स्तर पर स्थिर है, और मजबूत बाहरी बफर्स ग्लोबल वोलेटिलिटी से रक्षा कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक दृष्टि ने भारत को वैश्विक मंदी से अलग कर दिया। जीएसटी रेशनलाइजेशन, सतर्क राजकोषीय अनुशासन और समन्वित मौद्रिक नीति ने निवेश-उपभोग का सकारात्मक चक्र चला दिया। पीएम मोदी ने कहा, “भारत की विकास गाथा न सिर्फ स्थिर है, बल्कि त्वरित हो रही है। हम आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हैं।” The 8.2% GDP growth in Q2 of 2025-26 is very encouraging. It reflects the impact of our pro-growth policies and reforms. It also reflects the hard work and enterprise of our people. Our government will continue to advance reforms and strengthen Ease of Living for every citizen.— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025 NSO ने बताया कि ये अनुमान बेंचमार्क-इंडिकेटर विधि से तैयार किए गए, जिसमें पिछले वर्ष के आंकड़ों को प्रासंगिक संकेतकों से एक्सट्रापोलेट किया गया। डेटा स्रोतों में कृषि उत्पादन लक्ष्य, लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय परिणाम, IIP, रेलवे ट्रैफिक, GSTN डेटा और सरकारी खाते शामिल हैं। टैक्स राजस्व में जीएसटी और गैर-जीएसटी दोनों शामिल हैं। उत्पाद सब्सिडी के अनुमान खाद्य, यूरिया और पेट्रोलियम सब्सिडी पर आधारित हैं। व्यय घटकों के लिए वाणिज्य मंत्रालय और RBI के आयात-निर्यात डेटा का उपयोग हुआ। असंगति (डिस्क्रेपेंसी) उत्पादन और व्यय दृष्टिकोण के बीच अंतर को दर्शाती है। NSO ने स्पष्ट किया कि डेटा कवरेज सुधार और इनपुट संशोधनों से आगे के अनुमान बदल सकते हैं। राष्ट्रीय लेखा का बेस ईयर 2011-12 से 2022-23 में संशोधित हो रहा है, जिससे Q4 अनुमान 27 फरवरी 2026 को नए सीरीज में जारी होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि FY26 में समग्र ग्रोथ 7.5-8% रहेगी। यह आँकड़े भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाते हैं। अमेरिका और यूरोप की सुस्ती के बीच भारत का डिकपलिंग मॉडल प्रेरणा स्रोत है। सरकार का फोकस लंबी अवधि की रिफॉर्म्स पर है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। यह विकास न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक उत्थान का माध्यम बनेगा।   Click to listen highlighted text! भारत की इकोनॉमी की दहाड़, FY26 Q2 में 8.2% GDP ग्रोथ से दुनिया को पीछे छोड़ा: टैरिफ से लेकर ग्लोबल मंदी तक हिंदुस्तान ने सभी चुनौतियों को कैसे दिया मोदी रिफॉर्म्स से जवाब वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक मंदी की चुनौतियों को करारा जवाब देते हुए 8.2% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवँ कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार (28 नवंबर 2025) को जारी प्रेस नोट में बताया कि यह ग्रोथ पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.6% से काफी बेहतर है। स्थिर मूल्यों (2011-12 आधार) पर जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले ₹44.94 लाख करोड़ थी। NSO द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, नॉमिनल जीडीपी में 8.7% की बढ़ोतरी हुई, जो 85.25 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “यह आँकड़े मोदी सरकार की सुधार-केंद्रित नीतियों की जीत हैं, जो निवेश और उपभोग को गति दे रही हैं। भारत अब वैश्विक विकास का इंजन बन चुका है।” इस तिमाही में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों ने मुख्य भूमिका निभाई। द्वितीयक क्षेत्र में 8.1% की वृद्धि दर्ज हुई, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग 9.1% और कंस्ट्रक्शन 7.2% आगे बढ़ा। तृतीयक क्षेत्र ने 9.2% की उछाल दिखाई, खासकर फाइनेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज में 10.2% की मजबूत ग्रोथ। फोटो साभार: PIB प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) में 7.9% की वृद्धि हुई, जो पिछले साल के 6.4% से बेहतर है। यह असमान मानसून के बावजूद घरेलू माँग की मजबूती को दर्शाता है। अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा, “PFCE की यह रफ्तार उपभोक्ता विश्वास का प्रमाण है, जो अर्थव्यवस्था को स्थिरता दे रही है।” हालाँकि, प्राथमिक क्षेत्र कुछ कमजोर रहा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में केवल 3.5% की वृद्धि हुई, जबकि बिजली, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं में 4.4% दर्ज किया गया। ये आँकड़े मौसमी चुनौतियों का नतीजा हैं। सेक्टर के हिसाब से आँकड़े, पोटो साभार: PIB अप्रैल-सितंबर (H1) की आधी अवधि में रियल जीडीपी 8.0% बढ़ी, जो पिछले वर्ष के 6.1% से ऊंची है। H1 में रियल जीडीपी 96.52 लाख करोड़ रुपये रही। रियल GVA में 7.9% की ग्रोथ हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इन्फ्लेशन ऐतिहासिक निचले स्तर पर स्थिर है, और मजबूत बाहरी बफर्स ग्लोबल वोलेटिलिटी से रक्षा कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक दृष्टि ने भारत को वैश्विक मंदी से अलग कर दिया। जीएसटी रेशनलाइजेशन, सतर्क राजकोषीय अनुशासन और समन्वित मौद्रिक नीति ने निवेश-उपभोग का सकारात्मक चक्र चला दिया। पीएम मोदी ने कहा, “भारत की विकास गाथा न सिर्फ स्थिर है, बल्कि त्वरित हो रही है। हम आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हैं।” The 8.2% GDP growth in Q2 of 2025-26 is very encouraging. It reflects the impact of our pro-growth policies and reforms. It also reflects the hard work and enterprise of our people. Our government will continue to advance reforms and strengthen Ease of Living for every citizen.— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025 NSO ने बताया कि ये अनुमान बेंचमार्क-इंडिकेटर विधि से तैयार किए गए, जिसमें पिछले वर्ष के आंकड़ों को प्रासंगिक संकेतकों से एक्सट्रापोलेट किया गया। डेटा स्रोतों में कृषि उत्पादन लक्ष्य, लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय परिणाम, IIP, रेलवे ट्रैफिक, GSTN डेटा और सरकारी खाते शामिल हैं। टैक्स राजस्व में जीएसटी और गैर-जीएसटी दोनों शामिल हैं। उत्पाद सब्सिडी के अनुमान खाद्य, यूरिया और पेट्रोलियम सब्सिडी पर आधारित हैं। व्यय घटकों के लिए वाणिज्य मंत्रालय और RBI के आयात-निर्यात डेटा का उपयोग हुआ। असंगति (डिस्क्रेपेंसी) उत्पादन और व्यय दृष्टिकोण के बीच अंतर को दर्शाती है। NSO ने स्पष्ट किया कि डेटा कवरेज सुधार और इनपुट संशोधनों से आगे के अनुमान बदल सकते हैं। राष्ट्रीय लेखा का बेस ईयर 2011-12 से 2022-23 में संशोधित हो रहा है, जिससे Q4 अनुमान 27 फरवरी 2026 को नए सीरीज में जारी होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि FY26 में समग्र ग्रोथ 7.5-8% रहेगी। यह आँकड़े भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाते हैं। अमेरिका और यूरोप की सुस्ती के बीच भारत का डिकपलिंग मॉडल प्रेरणा स्रोत है। सरकार का फोकस लंबी अवधि की रिफॉर्म्स पर है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। यह विकास न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक उत्थान का माध्यम बनेगा।

भारत की इकोनॉमी की दहाड़, FY26 Q2 में 8.2% GDP ग्रोथ से दुनिया को पीछे छोड़ा: टैरिफ से लेकर ग्लोबल मंदी तक हिंदुस्तान ने सभी चुनौतियों को कैसे दिया मोदी रिफॉर्म्स से जवाब

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक मंदी की चुनौतियों को करारा जवाब देते हुए 8.2% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवँ कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार (28 नवंबर 2025) को जारी प्रेस नोट में बताया कि यह ग्रोथ पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.6% से काफी बेहतर है। स्थिर मूल्यों (2011-12 आधार) पर जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले ₹44.94 लाख करोड़ थी।

NSO द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, नॉमिनल जीडीपी में 8.7% की बढ़ोतरी हुई, जो 85.25 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “यह आँकड़े मोदी सरकार की सुधार-केंद्रित नीतियों की जीत हैं, जो निवेश और उपभोग को गति दे रही हैं। भारत अब वैश्विक विकास का इंजन बन चुका है।”

इस तिमाही में द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों ने मुख्य भूमिका निभाई। द्वितीयक क्षेत्र में 8.1% की वृद्धि दर्ज हुई, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग 9.1% और कंस्ट्रक्शन 7.2% आगे बढ़ा। तृतीयक क्षेत्र ने 9.2% की उछाल दिखाई, खासकर फाइनेंस, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज में 10.2% की मजबूत ग्रोथ।

फोटो साभार: PIB

प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) में 7.9% की वृद्धि हुई, जो पिछले साल के 6.4% से बेहतर है। यह असमान मानसून के बावजूद घरेलू माँग की मजबूती को दर्शाता है। अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने कहा, “PFCE की यह रफ्तार उपभोक्ता विश्वास का प्रमाण है, जो अर्थव्यवस्था को स्थिरता दे रही है।”

हालाँकि, प्राथमिक क्षेत्र कुछ कमजोर रहा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में केवल 3.5% की वृद्धि हुई, जबकि बिजली, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं में 4.4% दर्ज किया गया। ये आँकड़े मौसमी चुनौतियों का नतीजा हैं।

सेक्टर के हिसाब से आँकड़े, पोटो साभार: PIB

अप्रैल-सितंबर (H1) की आधी अवधि में रियल जीडीपी 8.0% बढ़ी, जो पिछले वर्ष के 6.1% से ऊंची है। H1 में रियल जीडीपी 96.52 लाख करोड़ रुपये रही। रियल GVA में 7.9% की ग्रोथ हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “इन्फ्लेशन ऐतिहासिक निचले स्तर पर स्थिर है, और मजबूत बाहरी बफर्स ग्लोबल वोलेटिलिटी से रक्षा कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक दृष्टि ने भारत को वैश्विक मंदी से अलग कर दिया। जीएसटी रेशनलाइजेशन, सतर्क राजकोषीय अनुशासन और समन्वित मौद्रिक नीति ने निवेश-उपभोग का सकारात्मक चक्र चला दिया। पीएम मोदी ने कहा, “भारत की विकास गाथा न सिर्फ स्थिर है, बल्कि त्वरित हो रही है। हम आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हैं।”

The 8.2% GDP growth in Q2 of 2025-26 is very encouraging. It reflects the impact of our pro-growth policies and reforms. It also reflects the hard work and enterprise of our people. Our government will continue to advance reforms and strengthen Ease of Living for every citizen.— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025

NSO ने बताया कि ये अनुमान बेंचमार्क-इंडिकेटर विधि से तैयार किए गए, जिसमें पिछले वर्ष के आंकड़ों को प्रासंगिक संकेतकों से एक्सट्रापोलेट किया गया। डेटा स्रोतों में कृषि उत्पादन लक्ष्य, लिस्टेड कंपनियों के वित्तीय परिणाम, IIP, रेलवे ट्रैफिक, GSTN डेटा और सरकारी खाते शामिल हैं।

टैक्स राजस्व में जीएसटी और गैर-जीएसटी दोनों शामिल हैं। उत्पाद सब्सिडी के अनुमान खाद्य, यूरिया और पेट्रोलियम सब्सिडी पर आधारित हैं। व्यय घटकों के लिए वाणिज्य मंत्रालय और RBI के आयात-निर्यात डेटा का उपयोग हुआ। असंगति (डिस्क्रेपेंसी) उत्पादन और व्यय दृष्टिकोण के बीच अंतर को दर्शाती है।

NSO ने स्पष्ट किया कि डेटा कवरेज सुधार और इनपुट संशोधनों से आगे के अनुमान बदल सकते हैं। राष्ट्रीय लेखा का बेस ईयर 2011-12 से 2022-23 में संशोधित हो रहा है, जिससे Q4 अनुमान 27 फरवरी 2026 को नए सीरीज में जारी होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि FY26 में समग्र ग्रोथ 7.5-8% रहेगी। यह आँकड़े भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाते हैं। अमेरिका और यूरोप की सुस्ती के बीच भारत का डिकपलिंग मॉडल प्रेरणा स्रोत है।

सरकार का फोकस लंबी अवधि की रिफॉर्म्स पर है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। यह विकास न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक उत्थान का माध्यम बनेगा।

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