
मथुरा के वृंदावन में ब्रजभूमि को शराब-मुक्त बनाने की माँग इन दिनों फिर तेज है। इसी कड़ी में अपनी आवाज एक हिंदू कार्यकर्ता व गौ रक्षक दक्ष चौधरी ने भी उठाई। हालाँकि अब खबर है कि उन्हें एक शिकायत के बाद अरेस्ट कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि दक्ष को सुनरख तिराहा स्थित एक वाइन शॉप का जबरन शटर बंद कराने के मामले में शिकायत के बाद पकड़ा गया। अब अन्य हिंदू कार्यकर्ता उनकी रिहाई की माँग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं।
हिंदू संगठनों का कहना है कि दक्ष चौधरी को जल्दी से ज्दी रिहा किया जाए, क्योंकि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है, बल्कि उन्होंने ब्रजभूमि को मांस-मदिरा मुक्त करने के दुकान बंद कराई थी।
वीडियो वायरल और दक्ष की गिरफ्तारी
जितेंद्र कुमार की शिकायत पर 18 नवंबर 2025 को वृंदावन थाना में दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, शिब्बो, कपिल, अकू पंडिर और 10-15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 191(2), 352, 351(3), 127(2), 131 और 324(4) के तहत FIR दर्ज की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि दक्ष की गिरफ्तारी, दुकान का शटर बंद कराने वाली वीडियो वायरल होने के बाद और सेल्समैन जितेंद्र की तहरीर पर हुई। पुलिस ने दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, शिब्बो, कपिल और अक्कू पंडित सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया।
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FIR में क्या लगे आरोप?
सेल्समैन जितेंद्र कुमार ने FIR में कहा है, “17 नवंबर 2025 की शाम को करीव 8.30 बजे मैं अपने अंग्रेजी शराब की दुकान पर मौजूद था, मेरे साथ मेरे तीन साथी दिनेश, मुकेश, जसवीर मौजूद थे तभी दो गाडी जिनके न UP83 Y 9200 व DL5CU 4512 में सवार होकर दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, शिब्बो पुत्र राजेश, कपिल पुत्र सुशील व अक्कू पंडित एवं दस पंद्रह व्यक्ति अज्ञात मेरे ठेका पर आये और आकर मेरे साथियो के साथ गाली गलौज की व इतना धमकाया तथा ठेके का शटर गिराकर हम सभी लोगो को अन्दर बन्द कर दिया।”
FIR में उन्होंने कहा, “वहाँ पर खरीदारी करने आए लोगों के साथ गाली गलौज की व जान से मारने की धमकी दी और वहाँ से उन ग्राहको को भगा दिया। इनके द्वारा किये गये ग्राहको व हम लोगो में भय व्याप्त हो गया है। इन लोगो द्वारा मेरे पास दो अन्य दुकाने जो देशी व बीयर की है को जबरजस्ती डराकर धमकाकर उनके कर्मचारियो से अभद्रता करते हुये शटर गिराकर उनको बन्द कर दिया। सभी ग्राहको को गाली गलौज करते हुये जान से मारने धमकी देते हुए भगा दिया।”
दक्ष पर यह भी आरोप है कि उन्होंने गुस्से में आकर पुलिस को भी कुछ बातें कही थी। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही देर रात बड़ी संख्या में समर्थक वृंदावन कोतवाली पहुँचे और शांतिपूर्ण तरीके से ब्रज भूमि को मांस-मदिरा मुक्त करने की माँग रखते हुए प्रदर्शन किया।
गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने बयान जारी कर कहा, “17 नवंबर 2025 को एक घटना घटित हुई, जिसमें कुछ लोगों ने जबरदस्ती एक शराब की दुकान बंद कर दी। इसके खिलाफ वृंदावन थाने में कुछ नामजद और 10-15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इनमें से पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
थाना वृन्दावन क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 17.11.2025 को कुछ व्यक्तियो द्वारा जबरन शराब के ठेका को बन्द कराये जाने का प्रयास किया गया था । जिसके सम्बन्ध मे थाना वृन्दावन पर सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया था । आज दिनांक 24.11.2025 को नामजद एवं अज्ञात मे से कुल 05 व्यक्तियो की… pic.twitter.com/IYTPJuYo3z— MATHURA POLICE (@mathurapolice) November 24, 2025
उनको निर्दोष बता रहे उनके समर्थकों का कहना है कि शटर बंद कराने के पीछे उनका केवल एक उद्देश्य था कि उस रास्ते पर मदिरा की दुकान बंद हो, जिससे प्रेमानंद महाराज आते-जाते हैं। उनका कहना है कि सनातनियों को झूठे आरोपों में फँसाया जा रहा है।
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सोशल मीडिया पर अब गिरफ्तार युवाओं के समर्थन में पोस्ट कर उनको रिहा करने की माँग तेज हो गई है। वहीं अपील भी की जा रही है कि सभी इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाएँ और एकजुट हों।
Breaking 🚨These innocent hindus are in judicial custody in Mathura, No one is supporting them on ground level, neither UP Police nor UP govt, Their only hope is us, so hindus it's time to raise the voice for them!Tag @myogiadityanath & request him to release our brothers 🙏🏻 pic.twitter.com/WeRG7dBZCy— Voice of Hindus (@Warlock_Shubh) November 26, 2025
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान के बाद शुरू हुई मुहिम
17 नवंबर 2025 को आयोजित सनातन सभा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि ब्रजभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए शराब के ठेकों को हटाया जाना चाहिए। इसी अपील के बाद कई युवाओं ने क्षेत्र में शराब बिक्री का विरोध शुरू किया और उसी क्रम में वाइन शॉप का शटर बंद कराया गया।
युवाओं ने यह दावा किया कि यह विरोध किसी व्यक्तिगत लाभ या नुकसान के लिए नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और समाज की सुरक्षा के लिए था। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सेल्समैन जितेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, शिब्बो, कपिल और अक्कू पंडित सहित 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
शिब्बो और कपिल की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी, उसके बाद पुलिस ने दक्ष चौधरी, युधिष्ठिर, अमित, अभिषेक और दुर्योधन को ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लाई।
समर्थक बोले- यह लूट नहीं, संस्कृति की रक्षा है
प्रदर्शन में मौजूद जग्गा कर्मयोगी ने कहा, “इन युवाओं ने किसी तरह की चोरी या हिंसा नहीं की। उन्होंने सिर्फ ब्रजभूमि को शराब से मुक्त करने की माँग रखी है। भावना में आकर शटर गिरा देना अपराध नहीं, बल्कि समाज और धर्म के लिए उठाया गया कदम है।”
उन्होंने आगे कहा कि संतों और धर्माचार्यों को आगे आकर इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि ब्रजभूमि का स्वरूप भक्ति, संस्कार और धार्मिकता का केंद्र है, शराब का बाज़ार नहीं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि ब्रजभूमि को धार्मिक धरोहर माना जाता है, तो यहाँ शराब और मांस की दुकानों की अनुमति देना विरोधाभासी है। लोगों का आग्रह है कि शासन-प्रशासन स्थानीय भावनाओं का सम्मान करे और वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र को पूर्ण रूप से शराब-मुक्त घोषित किया जाए।

