
उत्तरी अमेरिका के देश मेक्सिको में शनिवार (15 नवंबर 2025) को भ्रष्टाचार, अपराध और सुरक्षा की कमी के खिलाफ हजारों की संख्या में Gen Z सड़क पर उतरे। ये विरोध प्रदर्शन मेक्सिको सिटी में राष्ट्रपति के आवास ‘नेशनल पैलेस’ के ठीक सामने हुए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने’ नेशनल पैलेस’ की दीवारें कूदकर भीतर घुसने की भी कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से हिंसक झड़प हुई।
WATCH: Clashes erupted between riot police and protesters in front of Mexico’s presidential palace.pic.twitter.com/nTaabnKzBN— Clash Report (@clashreport) November 15, 2025
देखते ही देखते Gen Z का यह प्रदर्शन दंगों में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, पटाखों, लाठियों और जंजीरों से हमला किया। यहाँ तक की पुलिस की ढाले और बाकी चीजें भी छीन ली गईं। इस हिंसा में 120 से अधिक घायल हुए, जिनमें से करीब 100 पुलिस अधिकारी हैं। ये बिल्कुल वैसा ही नजारा है जैसा सितंबर 2025 में नेपाल में देखा गया था, जहाँ Gen Z प्रदर्शन देश में सरकार बदलने की वजह बना।
कैसे शुरू हुआ मेक्सिको में Gen Z प्रदर्शन ?
नेपाल की होड़ में इन दिनों मेक्सिको की युवा पीढ़ी सड़कों पर उतर आई है। देश में Gen Z प्रदर्शन विश्वभर में चर्चा में हैं। यहाँ Gen Z ने सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शन में Gen Z ने ‘अपराध के आगे कभी नहीं झुकेंगे’, ‘जस्टिस फॉर मंजो’, ‘देश मर रहा है’, ‘सरकार इस्तीफा दो’, ‘नार्को टेस्ट’ जैसे नारों लगाए।
कई प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के इस्तीफे की माँग वाले पोस्टर और बैनर भी लगाए। इस दौरान One Piece कार्टून से प्रेरित समुद्री के खोपड़ी वाला झंडा लहराया गया, जिसे इस आंदोन का वैश्विक प्रतीक माना गया। यह आंदोलन सोशल मीडिया पर आह्वान के बाद अचानक से जोर पकड़ गया और फिर देश के और भी कई बड़े शहरों में फैल गया।
वैसे तो इस आंदोलन में सबसे बड़ी भागीदारी युवाओं की रही, खासकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सक्रिय Gen Z की। लेकिन देश के बाकी नागरिक, बुजुर्ग और विपक्षी दलों के लोगों ने आंदोलन का समर्थन किया।
मेक्सिको में Gen Z प्रदर्शन में क्या हुआ?
प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण रही पर जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, तो प्रदर्शन उग्र और हिंसक हो गया, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पे भी शुरू हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के आवास राष्ट्रीय महल को घेर लिया और दीवार फांदने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आँसू गैस का इस्तेमाल किया। उधर से जवाबी कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी और लाठी-डंडों से हमला किया। सामने आई तस्वीरों में कुछ लोगों के हाथ में हथौड़ा भी देखा गया।
🔴MEXICO 🇲🇽| Anger against the government amid widespread outrage over corruption and cartel violence. Thousands of citizens flooded the area around the Presidential Palace in Mexico City to protest the inaction of @Claudiashein's administration, especially after the murder…1/2 pic.twitter.com/WaWprLRwwK— Nanana365 (@nanana365media) November 16, 2025
इस हिंसा में 120 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी थे। मेक्सिको सिटी के जन सुरक्षा सचिव पाब्लो वाजक्वेज ने बताया कि लगभग 20 नागरिक घायल भी हुए हैं। वहीं करीब 20 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी भी हुई जबकि 20 अन्य पर प्रशासनिक आरोप लगाए गए हैं।
मेक्सिको में Gen Z प्रदर्शन की वजह?
मेक्सिको के इस Gen Z प्रदर्शन की वजह देश में बढ़ते भ्रष्टाचार, सार्वजनिक हत्याएँ और न्याय प्रणाली में कमी है, जिसने युवा वर्ग की सहनशक्ति की परीक्षा ली। इस आंदोलन की शुरुआत मिचोआकन (Michoacan) के मेयर कार्लोस मंजो की हत्या के बाद हुई, जो लंबे समय से ड्रग कंट्रोल और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे थे। उनकी हत्या ने देशभर में गहरा सदमा और Gen Z में गुस्सा भड़का दिया।
Gen Z ने इस घटना को सरकार की असफलता और अपराध के खिलाफ नाकामी का प्रतीक माना और इसके खिलाफ आवाज उठाई। इस आंदोलन में युवाओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सिस्टम की ढिलाई, राजनीतिक जवाबदेही की कमी और अपराधियों को दंड न मिलने को लेकर भारी निराशा जताई। सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े Gen Z ने युवाओं को एकत्र किया और व्यापक समर्थन प्राप्त किया, जिसमें बुजुर्ग और विपक्षी दल भी शामिल हुए। वे सरकार से पारदर्शिता, सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
मेक्सिको Gen Z प्रदर्शन का राजनीतिक एंगल
मेक्सिको का यह प्रदर्शन Gen Z की सरकार के खिलाफ बगावत है। ठीक वैसे ही जैसे नेपाल में Gen Z ने सरकार के काम से नाराज होकर सड़क पर हिंसक प्रदर्शन किया और पूरे देश को घुटने टेकने पड़े। लेकिन मेक्सिको में Gen Z का यह प्रदर्शन कहीं न कहीं राजनीतिक हलखों से जुड़ा लगता है। मेक्सिको में फिलहाल वामपंथी दल मोरेना (Morena) की सत्ता है। प्रदर्शन में भी युवाओं ने ‘Go Morena’ के नारे लगाए।
Large protest in Mexico City underway in opposition of cartels after the assassination of Carlos Manzo.Crowd chants: Out Morena!Morena is the ruling left-wing party in Mexico. pic.twitter.com/nYhyxMSdVt— Julio Rosas (@Julio_Rosas11) November 15, 2025
शनिवार को जिस राष्ट्रपति आवास ‘नेशनल पैलेस’ से यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, इसकी वजह भी साफ थी। दरअसल, प्रदर्शन से कुछ दिन पहले मेक्सिको की राष्ट्रपति शीनबॉम ने दणिणपंथी दलों पर Gen Z आंदोलन में घुसपैठ करने के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन की संख्या बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर बॉट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे कुछ Gen Z सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने भी समर्थन वापस ले लिया।
क्या हिंसा को बढ़ावा दे रहा सोशल मीडिया?
मेक्सिको का यह Gen Z प्रदर्शन ठीक उसी दिशा में पहुँच गया जो नेपाल के Gen Z प्रदर्शन में हुआ। इसकी वजह सोशल मीडिया भी है। यूँ तो नेपाल और मेक्सिको में हुए दोनों ही प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया से ही हुई। लेकिन प्रदर्शन को दंगा बनाने का काम भी सोशल मीडिया का ही रहा। सोशल मीडिया ने केवल Gen Z ही नहीं बल्कि आम नागरिकों को भी बढ़ावा दिया।
मेक्सिको में पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और अरबपति रिकार्डो सेलिनास प्लीगो ने सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन अपना समर्थन व्यक्ति किया। तभी दक्षिणपंथी दल सक्रिय हो गए और Gen Z प्रदर्शन में शामिल होने लगे। नतीजतन, शांतिपूर्ण Gen Z प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। नेपाल में भी यही हुआ था, जब सोशल मीडिया का आह्वान पर हुए Gen Z प्रदर्शन में उग्रवादियों की घुसपैठ ने देश की संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। लेकिन मेक्सिको में समय रहते Gen Z प्रदर्शन पर काबू पा लिया गया।

